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तीर्थ यात्रा पैकेज

देव दीपावली रात्रि — 24–25 नवंबर · 1 रात

केवल उत्सव: 24 को दोपहर 12 बजे तक वाराणसी पहुँचिए, उसी शाम आरक्षित नाव सीट, रात होटल, 25 को ड्रॉप। ₹7,999 प्रति व्यक्ति, न्यूनतम 2।

2 दिन · 1 रातeasy गतिछोटा समूह · अधिकतम 12
01

पारंपरिक क्रम

मंदिर और स्थल अपने पारंपरिक क्रम में।

02

पहले से तय बुकिंग

मुख्य अनुष्ठानों के लिए आरक्षित बैठक, ज़रूरी बुकिंग पहले से सुनिश्चित।

03

सहज गति

सहज दिन, बीच में योजनाबद्ध विश्राम।

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जानकारी-पुस्तिका साथ

छपी हुई जानकारी-पुस्तिका — अर्थ, नक्शे, सांस्कृतिक प्रोटोकॉल।

देव दीपावली का सार एक योजना में। 24 नवंबर की सुबह हमारी कैब आपकी ट्रेन या फ़्लाइट पर मिलती है (दोपहर 12 बजे तक वाराणसी पहुँचिए — लगभग 2 बजे घाटों के रास्ते बंद हो जाते हैं), नदी की पैदल दूरी वाले होटल तक ले जाती है, और शाम को आप दीप-प्रकाश की घड़ी तथा 21 पुरोहितों की महाआरती के लिए हमारी डबल-डेकर बजरा नाव पर अपनी आरक्षित सीट लेते हैं। रात होटल में, 25 को स्टेशन या एयरपोर्ट ड्रॉप। दो लोगों के साझा कमरे पर ₹7,999 प्रति व्यक्ति से, न्यूनतम 2 लोग।

दिन-प्रतिदिन

कार्यक्रम

कहानी

इस पैकेज के बारे में

देव दीपावली का सार, एक योजना में। कार्तिक पूर्णिमा को प्रशासन दोपहर लगभग 2 बजे राजघाट और अन्य मार्गों पर गाड़ियाँ रोक देता है, और शाम होते-होते घाटों की गलियाँ रुक जाती हैं। यह पैकेज इसलिए चलता है क्योंकि हम सब कुछ इसी के अनुसार सजाते हैं।

दिन का क्रम

  • 24 नवंबर, सुबह — हमारी कैब आपकी ट्रेन या फ़्लाइट पर मिलती है। दोपहर 12 बजे तक वाराणसी पहुँचिए; घाटों की पैदल दूरी वाले होटल में चेक-इन।
  • ~3:45 बजे — गाइड के साथ पिकअप घाट तक पैदल (48 घंटे पहले पक्का, उस वर्ष की भीड़-व्यवस्था के अनुसार)।
  • ~4:30 बजे — डबल-डेकर बजरा नाव पर चढ़ना। दीप-प्रकाश की घड़ी नदी के बीच — अस्सी से पंचगंगा तक जगमग — फिर दशाश्वमेध के सामने 21 पुरोहितों की महाआरती।
  • ~8:15 बजे — घाट पर वापसी, होटल तक पैदल। भीड़ छँटने के बाद जगमगाते घाटों पर टहलना चाहें तो दीये 9 बजे के बाद तक जलते हैं।
  • 25 नवंबर — स्टेशन या एयरपोर्ट ड्रॉप।

क्या तय है और क्या कोटेशन पर

इस पृष्ठ का दाम सामान्य कमरे में दो लोगों के साझा कमरे पर प्रति व्यक्ति है, न्यूनतम 2 लोग। नदी की ओर के कमरे, अकेले ठहरना, ऊपर के डेक की सीट और दर्शन ऐड-ऑन WhatsApp पर कोटेशन से। सब लिखित में पक्का: होटल का नाम, नाव का डेक, सीटों की संख्या, पिकअप घाट।

आपको क्या मिलेगा

मुख्य आकर्षण

24 को दोपहर 12 बजे तक वाराणसी पहुँचिए — लगभग 2 बजे घाटों के रास्ते बंद
24 नवंबर की रात घाटों की पैदल दूरी वाला होटल
हमारी डबल-डेकर बजरा नाव पर आरक्षित सीट: दीप-प्रकाश की घड़ी + 21 पुरोहितों की महाआरती
उत्सव की शाम गाइड होटल → नाव → होटल साथ चलता है
24 की सुबह स्टेशन/एयरपोर्ट पिकअप, 25 को ड्रॉप
WhatsApp पर एक लिखित दाम — होटल का नाम, नाव का डेक, सीटें पक्की
न्यूनतम 2 लोग · अनुरोध पर दर्शन, सारनाथ या अतिरिक्त रात

व्यवस्था

क्या शामिल है

शामिल

  • 1 रात होटल (24 नवंबर) घाटों की पैदल दूरी पर — दो लोगों का साझा, सामान्य कमरा
  • दीप-प्रकाश की घड़ी और महाआरती के लिए डबल-डेकर बजरा नाव पर आरक्षित सीट
  • उत्सव की शाम होटल से नाव और वापस गाइड
  • 24 की सुबह स्टेशन/एयरपोर्ट पिकअप और 25 को ड्रॉप
  • नाव पर चाय और बोतलबंद पानी
  • लाइफ़ जैकेट
  • 24/7 स्थानीय संपर्क नंबर
  • WhatsApp पर लिखित आगमन-पूर्व जानकारी
  • नाव पर पानी की बोतल और नाश्ता

शामिल नहीं

  • वाराणसी आने-जाने का परिवहन
  • दोपहर और रात का भोजन
  • सुगम (सशुल्क) दर्शन टिकट यदि चुनें
  • ऊपर के डेक की सीट (+₹1,000/व्यक्ति)
  • नदी की ओर का या अकेला कमरा (कोटेशन पर)
  • व्यक्तिगत ख़र्च
  • यात्रा बीमा
  • जो शामिल में नहीं लिखा है

बुकिंग से पहले

यात्री अक्सर यह पूछते हैं

देव दीपावली क्या है और वाराणसी में इसका इतना महत्व क्यों है?

देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा को मनाई जाती है, यानी दिवाली के पंद्रह दिन बाद की पूर्णिमा, जब वाराणसी के घाट लाखों दीयों से जगमगा उठते हैं और देवताओं का स्वागत करते हैं। यह वाराणसी के कैलेंडर की सबसे बड़ी रात मानी जाती है, भीड़ के हिसाब से यहां दिवाली से भी बड़ी। दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती इस रात बड़े स्तर पर होती है, और देशभर से श्रद्धालु सीढ़ियों को दीयों की दीवार में बदलते देखने आते हैं।

2026 में देव दीपावली कब है, और क्या यह पैकेज मुख्य रात को कवर करता है?

कार्तिक पूर्णिमा, यानी देव दीपावली की मुख्य रात, 24 नवंबर 2026 को पड़ रही है। यह पैकेज 24-25 नवंबर का है, और आपकी नाव व महाआरती दर्शन 24 तारीख की शाम को ही तय हैं, यानी यह असली त्योहार की रात के हिसाब से बना है। इसे पंचांग से पुष्ट तिथि मानें, हमारी सुविधा के लिए चुनी गई तारीख नहीं।

क्या हम नाव से देखेंगे या घाट की सीढ़ियों से?

इस पैकेज में आपको डबल-डेकर बजरा नाव पर बैठाया जाता है, घाट की सीढ़ियों पर नहीं। दोपहर बाद गाइड के साथ पैदल बोर्डिंग घाट तक जाया जाता है, करीब 4:30 बजे नाव पर चढ़ते हैं, और दीप जलने व महाआरती को पानी से देखा जाता है, न कि घाट की भीड़ में खड़े होकर। नाव की सीट मुफ्त घाट-दर्शन से महंगी जरूर है, पर इसका मतलब है कि आपको सीढ़ियों की भीड़ से जगह के लिए जूझना नहीं पड़ता।

कितनी जल्दी तैयार रहना होगा, और शाम का पूरा कार्यक्रम क्या है?

होटल से करीब 3:45 बजे बोर्डिंग घाट के लिए पैदल निकलना होता है, 4:30 बजे तक नाव पर सवार हो जाते हैं, और दीप जलने के समय से लेकर महाआरती तक — जो करीब शाम 7 से 8 बजे तक चलती है — नाव पर ही रहते हैं, फिर करीब 8:15 बजे होटल लौटते हैं। उस दिन होटल में 3:45 बजे से काफी पहले पहुंच जाएं, क्योंकि गलियां भरने के बाद घाट तक पैदल जाने में सामान्य से ज्यादा समय लगता है।

घाटों पर भीड़ कितनी होती है, और क्या शाम को गाड़ी होटल तक पहुंच पाती है?

देव दीपावली पर वाराणसी के घाटों पर बहुत भारी भीड़ उमड़ती है, और आसपास की गलियां वैसे भी संकरी हैं। यही वजह है कि इस पैकेज में गाइड के साथ पैदल बोर्डिंग घाट तक ले जाया जाता है, गाड़ी से नहीं — उस शाम वाहन पानी के पास तक नहीं पहुंच पाते, और नाव ही आपको सबसे घनी भीड़ से दूर रखती है।

उस रात की गंगा आरती सामान्य शाम की आरती से कैसे अलग होती है?

दशाश्वमेध घाट की रोज़ की शाम आरती कम पुजारियों के साथ होती है; देव दीपावली की रात इसे बड़े स्तर पर किया जाता है, हमारी यात्रा-सूची के अनुसार करीब 21 पुजारी इसमें शामिल होते हैं, और सिर्फ आरती के मंच तक नहीं बल्कि दोनों किनारों के घाट दीयों से सजे होते हैं। पुजारियों की सटीक संख्या और किसी भी अतिरिक्त आयोजन की पुष्टि यात्रा से पहले करें, क्योंकि त्योहार की रात का कार्यक्रम हर साल थोड़ा बदल सकता है।

₹7,999 की कीमत में असल में क्या शामिल है?

₹7,999 प्रति व्यक्ति (डबल शेयरिंग, न्यूनतम दो यात्री) की कीमत में घाट के पास एक रात का होटल, डबल-डेकर बजरा नाव पर दीप-दर्शन और महाआरती के लिए आरक्षित सीट, होटल से नाव तक गाइड, और स्टेशन या एयरपोर्ट पिकअप-ड्रॉप शामिल है। इसमें वाराणसी तक आने-जाने का किराया, खाना, दर्शन टिकट, और अपर-डेक सीट (जिसके लिए ₹1,000 अतिरिक्त लगते हैं) शामिल नहीं है।

क्या शाम को लेज़र या लाइट शो जैसा कुछ होता है?

देव दीपावली मूल रूप से दीप-प्रज्ज्वलन और आरती का त्योहार है, और हाल के कुछ वर्षों में जिला प्रशासन ने घाटों पर लेज़र या ड्रोन शो जैसी अतिरिक्त चीज़ें भी जोड़ी हैं। यह कार्यक्रम स्थानीय प्रशासन तय करता है, हम नहीं, इसलिए हम इस पैकेज के तहत लाइट शो का वादा नहीं कर सकते — अगर वह हो, तो उसे दीप-दर्शन और महाआरती के ऊपर एक बोनस मानें।

रद्द करने (कैंसिलेशन) की नीति क्या है?

देव दीपावली की बुकिंग कन्फर्म होने के बाद, चाहे आप कितनी भी पहले सूचना दें, वह वापसी योग्य (रिफंडेबल) नहीं होती, क्योंकि आपकी नाव की सीट और होटल कमरा त्योहार के लिए महीनों पहले से बुक किए जाते हैं। भुगतान करने से पहले बुकिंग की शर्तें ध्यान से पढ़ें और अपनी यात्रा तारीखें पक्की करने के बाद ही कन्फर्म करें।

पूछताछ करें

अपना नाम और नंबर लिखें, हमारी टीम आपको फ़ोन करेगी।

आरंभिक मूल्य

₹7,999

प्रति व्यक्ति

WhatsApp पर कुछ ही मिनटों में जवाब · सुबह 7 – रात 10 बजे

Trusted by Pilgrims

“We came for my mother's 75th birthday darshan. Satmarg arranged wheelchair access, a pandit who spoke her dialect, and a private boat for her Ganga aarti.”
Arvind & Meena Gupta · Delhi
“Third time using Satmarg. The cab service is top-notch — AC Innova, polite driver, no surprise charges.”
Vikram Singh · Jaipur

Udyam-registered MSME · UDYAM-UP-75-0177698

Varanasi-based operator · local guides & pandits

Hindi & English support · 7 AM–10 PM

महत्वपूर्ण शर्तें

रद्दीकरण नीति

Booking & payment — Dev Deepawali special terms • 25% advance required to lock hotel + boat inventory (these cannot be held otherwise). • Balance due 30 days before arrival. • Prices vary by boat tier and hotel category — quoted on enquiry. Cancellation — Dev Deepawali is non-refundable • Once confirmed, a Dev Deepawali booking is non-refundable, whatever the notice period. • The reason, stated plainly: rooms, boat seats and darshan passes for this one night are bought and paid for months in advance, on terms that permit no cancellation and no resale. That money is already with the hotel and the boatman before you travel, and we cannot recover it. • Please be certain of your dates before paying the advance. Paying it is acceptance of this clause. • Medical emergency and force majeure are handled under Clauses 7 and 8 of our Refund & Cancellation Policy. • Where the district administration changes boat timings, the boarding ghat, aarti arrangements or darshan access on the day — as it routinely does for crowd control — the package is treated as delivered and no refund arises. Weather disruption • Rare in November. If fog or unusual flood cancels boat movement on festival night, we substitute rooftop aarti viewing at a heritage hotel overlooking the ghats and refund ₹3,500 per person for the boat component, within 7 days. Substitutions • Hotel: equivalent property within the same walking distance if the primary is unavailable, with your approval before the booking confirms. • Boat: we may substitute an equivalent or higher tier if the primary boat becomes unavailable.

WhatsApp पर कुछ ही मिनटों में जवाब · सुबह 7 – रात 10 बजे