मुख्य सामग्री पर जाएँ
बेंगलुरु से काशी यात्रा — फ़्लाइट और दर्शन की योजना
बेंगलुरु से काशी

बेंगलुरु से काशी यात्रा

आधा देश पार, एक सीधी फ़्लाइट — और धरती की सबसे पुरानी जीवित नगरियों में से एक। दर्शन, नाव, आरती की जगह और हर समय की योजना — उस टीम के हाथों, जो वाराणसी में ही रहती है।

बेंगलुरु → वाराणसी · काशी यात्रा

एयरपोर्ट से लेना शामिलकाशी विश्वनाथ दर्शनभोर की गंगा नौका-सैरसारनाथ की यात्रापैदल दूरी के होटल

पहुँचने का रास्ता

बेंगलुरु के तीर्थयात्री वाराणसी कैसे पहुँचते हैं

बेंगलुरु से रास्ता सीधा है: फ़्लाइट लीजिए।

हवाई मार्ग से। बेंगलुरु से बाबतपुर के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक नियमित सीधी फ़्लाइटें हैं — वाराणसी से क़रीब 22 किमी, पुराने शहर तक सड़क से लगभग एक घंटा। दिन रहते उतर जाएँ, तो उसी शाम गंगा आरती में पहुँच सकते हैं।

ट्रेन से। बेंगलुरु से वाराणसी की लंबी दूरी की ट्रेनें चलती तो हैं, पर एक तरफ़ का ही सफ़र पूरे दिन से कहीं ज़्यादा खिंच जाता है। जब तक आपके परिवार के लिए ट्रेन का सफ़र ही यात्रा का हिस्सा न हो, अपनी छुट्टियाँ घाटों के लिए बचाइए और फ़्लाइट लीजिए।

Satmarg के हर पैकेज की शुरुआत आपको लेने से होती है — हमारा ड्राइवर आपके नाम की तख़्ती लिए अराइवल गेट पर मिलता है, और चूँकि घाटों के सबसे पास की गलियों में गाड़ियाँ नहीं जातीं, हम आपको आख़िरी अनुमति-प्राप्त जगह तक पहुँचाते हैं और वहाँ से हमारी टीम का एक व्यक्ति आपको और आपके सामान को पैदल साथ ले चलता है।

यात्रा की रूपरेखा

3 रात / 4 दिन के काशी दर्शन में क्या-क्या आता है

तीन रातें वह ठहराव देती हैं जिसमें काशी सूची भर नहीं रहती, तीर्थयात्रा बन जाती है। बेंगलुरु के अधिकतर परिवारों के लिए हम यात्रा को इसी रूप में सजाते हैं:

दिनक्या-क्या होता है
दिन 1बेंगलुरु से फ़्लाइट, घाटों के पास होटल में चेक-इन, थोड़ा विश्राम, फिर शाम को दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती — बैठने की जगह पहले से तय, ताकि आप पीछे खड़े न रह जाएँ।
दिन 2भोर में घाटों के किनारे-किनारे नौका-सैर, फिर पारंपरिक काशी यात्रा क्रम — साक्षी विनायक, काल भैरव, अन्नपूर्णा, और अंत में श्री काशी विश्वनाथ। यह क्रम ही अर्थ का हिस्सा है।
दिन 3सारनाथ, जहाँ भगवान बुद्ध ने पहला उपदेश दिया — शहर से बस 10 किमी। दोपहर में संकट मोचन, दुर्गा मंदिर, और गलियों में बिना जल्दबाज़ी का समय।
दिन 4एक आख़िरी सुबह का दर्शन या घाटों पर एक शांत घंटा, फिर घर की फ़्लाइट के लिए एयरपोर्ट।

बेंगलुरु के कई तीर्थयात्री काशी को वर्षों में एक बार होने वाली उत्तर भारत यात्रा के हिस्से के रूप में सोचते हैं — काशी–अयोध्या–प्रयागराज का त्रिकोण AC गाड़ी से पाँच दिनों में दो और नगरियाँ जोड़ देता है, और आप लौटकर पीछे आने की बजाय आख़िरी पड़ाव से ही घर की फ़्लाइट ले लेते हैं।

बारीकियाँ भी देख लीजिए

दर्शन के समय, आरतियाँ और सारे पैकेज

मंदिर के खुलने के समय, दिन की पाँचों आरतियाँ, मंदिर ट्रस्ट का बिना-कतार सुगम दर्शन, पर्वों की तिथियाँ, और दिनों के हिसाब से हमारे सारे पैकेज — सब कुछ हमारे मुख्य काशी यात्रा पन्ने पर एक जगह है। पर्व के दिनों में समय बदल जाते हैं, इसलिए जब आप हमारे साथ चलते हैं तो आपके दर्शन से पहले हम हर समय की मंदिर से दोबारा पुष्टि करते हैं — यह हमारे वचन का हिस्सा है।

सतमार्ग ही क्यों

आपकी यात्रा में Satmarg की भूमिका

01

अपनी नगरी की जानकारी

हमारी टीम वाराणसी में ही जन्मी-पली है। हर मंदिर का समय, हर गली, हर शांत घाट — हम इन्हें निजी तौर पर जानते हैं।

02

स्वागत होता है, रास्ता खुद नहीं खोजना पड़ता

एयरपोर्ट पर स्वागत, घाटों के सबसे पास की अनुमति-प्राप्त जगह तक गाड़ी, और वहाँ से एक व्यक्ति पैदल साथ — मोल-भाव के लिए कभी अकेला नहीं छोड़ा जाता।

03

लिखित में तय दाम

पैसे देने से पहले WhatsApp पर एक तय लिखित हिसाब। टोल, पार्किंग, कर — सब पहले से साफ़-साफ़। कोई कमीशन वाली दुकानों के पड़ाव नहीं।

04

इंसान का जवाब, बॉट का नहीं

जवाब हमारी टीम का एक असली व्यक्ति देता है — कोई ऑटो-रिप्लाई या बना-बनाया संदेश नहीं।

पूछताछ से यात्रा तक

यह सब होता कैसे है

  1. 1

    हमें अपनी बात भेजिए

    हमें अपनी तारीख़ें, लोगों की संख्या और यह बताइए कि आपके लिए सबसे ज़रूरी क्या है — बजट, आराम या गहराई। WhatsApp या नीचे का फ़ॉर्म — दोनों चलते हैं।

  2. 2

    हम लिखित में तय दाम भेजते हैं

    होटल की श्रेणी, जोड़ने लायक़ विकल्प, और कुल दाम — WhatsApp पर लिखित में। छिपा हुआ कोई शुल्क नहीं, कभी नहीं।

  3. 3

    आपकी हाँ, और हम सब पक्का कर देते हैं

    होटल, नाव, आरती की जगहें और गाड़ी — सब आरक्षित। यात्रा से पहले की जानकारी का दस्तावेज़ आपको भेज दिया जाता है।

  4. 4

    आइए, और यात्रा पर चल पड़िए

    हम आपको एयरपोर्ट पर मिलते हैं। इंतज़ाम की हर बात हमारे ज़िम्मे। आप बस यात्रा में मन लगाइए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु के तीर्थयात्री हमसे जो सवाल पूछते हैं

क्या बेंगलुरु से वाराणसी की सीधी फ़्लाइट है?

जी हाँ — बेंगलुरु से बाबतपुर के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक सीधी फ़्लाइटें हैं, जो शहर से क़रीब 22 किमी है। हर पैकेज में एयरपोर्ट से लेना शामिल है, इसलिए WhatsApp पर अपनी फ़्लाइट का समय बता दीजिए — गाड़ी, होटल चेक-इन और पहला दर्शन आपके उतरने के हिसाब से तय हो जाते हैं।

क्या हम बेंगलुरु से ट्रेन से आ सकते हैं?

बेंगलुरु से वाराणसी की लंबी दूरी की ट्रेनें चलती तो हैं, पर एक तरफ़ का सफ़र ही पूरे दिन से कहीं ज़्यादा खिंच जाता है — 4 दिन की यात्रा में आप घाटों से ज़्यादा समय पटरियों पर बिता देंगे, इसलिए फ़्लाइट कहीं ज़्यादा व्यावहारिक है। फिर भी अगर आपके परिवार का मन रेल-यात्रा का ही है, तो हमें बताइए — हम काशी के दिन आपके पहुँचने के हिसाब से सजा देंगे।

फ़्लाइट मिलाकर क्या 4 दिन काफ़ी हैं?

जी हाँ। दोनों ओर सीधी फ़्लाइट हो, तो 3 रात की योजना में पहले दिन की शाम की गंगा आरती, चारों मंदिरों का पूरा काशी यात्रा क्रम, भोर की नौका-सैर और सारनाथ — सब बिना भागदौड़ के आ जाता है। पाँचवाँ दिन जुड़ सके, तो अयोध्या या प्रयागराज भी संभव हो जाता है।

हमारे घर में कन्नड़ और अंग्रेज़ी चलती है — क्या काशी में भाषा की दिक़्क़त होगी?

नहीं। हमारी पूरी टीम से अंग्रेज़ी में बात हो जाती है, और यात्रा से पहले मिलने वाला जानकारी का दस्तावेज़ हर मंदिर, विधि और अनुष्ठान को पहुँचने से पहले ही सरल भाषा में समझा देता है। अपनी पसंद की भाषा हमें पहले ही बता दीजिए — जहाँ तक हो सकेगा, हम उसी हिसाब से गाइड मिलाते हैं।

हमारे बड़े-बुज़ुर्ग काशी 'विधि से' करना चाहते हैं — पिंड दान, संकल्प, पूरा क्रम। क्या आप यह करा सकते हैं?

जी हाँ। चारों मंदिरों का पारंपरिक काशी यात्रा क्रम हर पैकेज में पहले से है, और पंडित जी के हाथों होने वाले अनुष्ठान जोड़े जा सकते हैं — अपने बड़ों के मन की बात हमें पहले ही बता दीजिए, हम पंडित जी, सही घाट और समय — तीनों की व्यवस्था कर देते हैं। उस दिन कुछ भी हड़बड़ी में नहीं होता।

बेंगलुरु से काशी यात्रा पैकेज का ख़र्च कितना आता है?

दाम मौसम, होटल की श्रेणी और लोगों की संख्या पर निर्भर करता है, इसलिए हम कोई ऐसा आँकड़ा नहीं छापते जो आधे साल ग़लत रहे। WhatsApp पर अपनी तारीख़ें और लोगों की संख्या भेजिए — हम लिखित में तय दाम भेजते हैं, जिसमें सब कुछ शामिल होता है और बाद में कुछ नहीं जुड़ता।

हर हर महादेव

बेंगलुरु से आपकी काशी यात्रा यहीं से शुरू होती है

हमें अपनी तारीख़ें, अपने लोग और अपना संकल्प बताइए। बाक़ी योजना हमारी।

सभी विकल्प

अपना पैकेज चुनें

सभी पैकेज में AC वाहन और होटल शामिल हैं।

बुकिंग और भुगतान

यह कैसे होता है

कोई छिपी बात नहीं। आपके पहले संदेश से यात्रा के दिन तक ठीक-ठीक यही होता है।

  1. 1

    अपनी तारीखें बताएँ

    WhatsApp, फोन या पूछताछ फॉर्म से तारीखें, यात्रियों की संख्या और पसंद बताएँ। अभी कोई बंधन नहीं।

  2. 2

    यात्रा-कार्यक्रम और कोटेशन पाएँ

    हम लिखित यात्रा-कार्यक्रम, समावेश और पक्का कोटेशन भेजते हैं। आप बिना किसी शुल्क के बदलाव या मना कर सकते हैं।

  3. 3

    ऑनलाइन इनवॉइस से भुगतान

    भुगतान मानक इनवॉइस और डिजिटल माध्यमों (UPI, कार्ड, नेट-बैंकिंग) से होता है।

  4. 4

    पुष्टि और सहायता

    पुष्टि ईमेल में आपकी बुकिंग, संपर्क और पिकअप समय होते हैं। रिफंड, यदि लागू हो, हमारी प्रकाशित नीतिके अनुसार होता है।

Bytechakra (trading as Satmarg) · Udyam-registered MSME · UDYAM-UP-75-0177698 · [email protected] · +91 77680 98790 · Mon–Sat, 10:00–19:00 IST · refund policy · terms · privacy
WhatsApp