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द्वारका–सोमनाथ यात्रा — सौराष्ट्र तीर्थयात्रा पैकेज
द्वारका सोमनाथ यात्रा

अपनी द्वारका–सोमनाथ यात्रा की योजना बनाइए

एक ही सौराष्ट्र यात्रा में द्वारकाधीश के दर्शन और सोमनाथ ज्योतिर्लिंग। बेट द्वारका, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग और पोरबंदर (सुदामा की नगरी) भी साथ। आदि शंकराचार्य का पश्चिमी धाम और भारत का प्रथम ज्योतिर्लिंग — एक ही यात्रा में।

गुजरात · सौराष्ट्र · द्वारका सोमनाथ

द्वारकाधीश + सोमनाथ दर्शनबेट द्वारका की नाव शामिलद्वारका और सोमनाथ, दोनों में होटलपूरे सौराष्ट्र के लिए AC गाड़ीहिंदी और अंग्रेज़ी में सहायता

दो महातीर्थ

द्वारका–सोमनाथ यात्रा क्या है?

यह सौराष्ट्र यात्रा सनातन परंपरा के सबसे पूजित तीर्थों में से दो को एक साथ जोड़ती है — द्वारका (आदि शंकराचार्य के चार धामों में पश्चिमी धाम और श्रीकृष्ण की राजधानी) और सोमनाथ (अरब सागर के तट पर, बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम)। दोनों के बीच 230 किमी की दूरी है और आमतौर पर दोनों के दर्शन एक ही 5-6 दिन की यात्रा में हो जाते हैं — साथ में बेट द्वारका, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग और पोरबंदर (सुदामा की नगरी) सहज ही जुड़ जाते हैं। सौराष्ट्र का तट एक ही यात्रा में पश्चिम का पूरा तीर्थ करा देता है।

1

द्वारकाधीश

पश्चिमी धाम

राजा के रूप में श्रीकृष्ण। गोमती और अरब सागर के संगम पर 78 मीटर ऊँचा शिखर।

2

बेट द्वारका

मूल निवास

श्रीकृष्ण का मूल निवास, एक द्वीप पर — 30 मिनट की नाव-यात्रा से।

3

नागेश्वर

ज्योतिर्लिंग

बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक। द्वारका से 15 किमी।

4

सोमनाथ

प्रथम ज्योतिर्लिंग

230 किमी दक्षिण। आदि ज्योतिर्लिंग; सदियों की लूट के बाद 1951 में सरदार पटेल ने फिर से बनवाया।

दर्शन की योजना

द्वारकाधीश और सोमनाथ — समय, आरतियाँ और शाम का शो

सनातन धर्म के दो बड़े पश्चिमी तीर्थ सौराष्ट्र के तट पर लगभग 230 किमी की दूरी पर हैं — द्वारका, जहाँ श्रीकृष्ण ने द्वारकाधीश के रूप में राज किया, और सोमनाथ, बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम। दोनों जगह दर्शन निःशुल्क हैं।

मंदिरदर्शन का समयआरती और शाम
द्वारकाधीश, द्वारकासुबह 6:30 – दोपहर 1:00 और शाम 5:00 – रात 9:30 (दोपहर में पट बंद)मंगला ~सुबह 6:30 · शृंगार सुबह 10:30 · संध्या शाम 7:30 · शयन रात 8:30
सोमनाथसुबह 6:00 – रात 9:30, दिन भर खुलाआरती सुबह 7:00, दोपहर 12:00 और शाम 7:00
सोमनाथ लाइट एंड साउंड शोहर रात 8:00 – 9:00 (मानसून में बंद रहता है)मंदिर के टूटने और बार-बार बनने की गाथा, समुद्र-तट पर

पास ही: नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वारका से ओखा रोड पर ~17 किमी है, और बेट द्वारका द्वीप ओखा से आगे — अब 2.3 किमी लंबे सुदर्शन सेतु से सड़क मार्ग से पहुँचा जा सकता है, नाव की ज़रूरत नहीं। सोमनाथ में शाम 7:00 की आरती और उसके बाद का शो — यही सहज शाम बनती है; गर्भगृह के पास जगह चाहिए तो आधा घंटा पहले पहुँचिए। दोनों में से किसी भी गर्भगृह में मोबाइल और बैग ले जाने की अनुमति नहीं है — गेट पर लॉकर की सुविधा है।

पर्व-त्योहारों पर समय बदल जाता है। आपके दर्शन से पहले हम दोनों मंदिर कार्यालयों से समय पक्का कर लेते हैं — यह हमारे वादे का हिस्सा है।

पहुँचने का रास्ता

कैसे पहुँचें — और बीच का तटीय रास्ता

द्वारका सौराष्ट्र के पश्चिमी छोर पर है और सोमनाथ उसके दक्षिणी तट पर। आप जैसे भी पहुँचें, सतमार्ग के हर पैकेज में पिकअप शामिल है।

कहाँ के लिएहवाई मार्गरेल मार्ग
द्वारकाजामनगर (JGA), ~130 किमी; राजकोट हीरासर (RAJ), ~230 किमीअहमदाबाद–ओखा लाइन पर द्वारका (DWK); अहमदाबाद से रात की गाड़ियाँ
सोमनाथदीव (DIU), ~85 किमी; राजकोट हीरासर (RAJ), ~190 किमीवेरावल (VRL), मंदिर से ~6 किमी; सोमनाथ स्टेशन और भी पास
दोनों के बीच—केवल सड़क मार्ग: ~230 किमी, पोरबंदर होते हुए तटीय हाईवे पर लगभग 5 घंटे

द्वारका–सोमनाथ का यह सफ़र अपने आप में यात्रा का हिस्सा है: सड़क अरब सागर के किनारे-किनारे पोरबंदर से होकर जाती है, जहाँ कीर्ति मंदिर — गांधी जी की जन्मभूमि — और सुदामा मंदिर बीच रास्ते का सहज पड़ाव बन जाते हैं, और हरसिद्धि माता का मंदिर रास्ते से बस थोड़ा ही हटकर है। हमारी AC टैक्सी, पूरे सफ़र एक ही ड्राइवर, और पहले से तय लिखित कोटेशन — बीच में कोई शॉपिंग स्टॉप नहीं।

2

पावन धाम

3

नागेश्वर मिलाकर ज्योतिर्लिंग

7-9 घंटे

द्वारका से सोमनाथ का सफ़र

पूरे वर्ष

यात्रा का मौसम

सतमार्ग ही क्यों

सतमार्ग आपकी यात्रा का ख़याल कैसे रखता है

01

दर्शन की व्यवस्था

द्वारकाधीश की आरतियों का समय, सोमनाथ के लाइट एंड साउंड शो का समय और बेट द्वारका की नाव का समय — सब हम बता देते हैं।

02

सोच-समझकर चुने गए ठहराव

द्वारका में द्वारकाधीश से पैदल दूरी पर होटल, और सोमनाथ में मंदिर के सामने, समुद्र दिखने वाले होटल।

03

सौराष्ट्र के लिए AC गाड़ी

सौराष्ट्र के अनुभवी ड्राइवरों के साथ AC गाड़ियाँ। द्वारका–सोमनाथ का 230 किमी का सफ़र 6-7 घंटे में आराम से हो जाता है।

04

शुरू से आख़िर तक साथ

जामनगर/दीव एयरपोर्ट के पिकअप से आपके आख़िरी दर्शन तक — किसी भी बदलाव के लिए हम एक कॉल दूर हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

द्वारका–सोमनाथ यात्रा — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

द्वारका और सोमनाथ आपस में कैसे जुड़े हैं?

सौराष्ट्र के तट के साथ-साथ सड़क मार्ग से दोनों के बीच 230 किमी की दूरी है — बीच में रुकते-रुकाते लगभग 6-7 घंटे का आराम का सफ़र। ज़्यादातर यात्री दोनों नगरों के बीच गाड़ी से ही जाते हैं; सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं है। बीच में पड़ने वाला दीव चाहें तो समुद्र-तट के लिए जोड़ सकते हैं।

कितने दिन चाहिए?

कम से कम 5 दिन रखिए — द्वारका में 2 दिन (द्वारकाधीश, बेट द्वारका, नागेश्वर), 1 दिन सफ़र का, और सोमनाथ में 2 दिन (मंदिर, लाइट एंड साउंड शो, समुद्र-तट)। 7 दिन हों तो पोरबंदर (सुदामा मंदिर) और दीव भी जुड़ जाते हैं।

क्या बेट द्वारका की नाव सुरक्षित है?

सामान्य मौसम में हाँ। द्वारका की ओर से 30 मिनट की नाव-यात्रा लाइसेंसी नावों से होती है और सुरक्षा नियमों का पालन होता है। मानसून (जून-अगस्त) में समुद्र में हलचल रहती है; बुकिंग से पहले हमसे पूछ लीजिए।

साल का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?

अक्टूबर से मार्च का मौसम सबसे सुखद रहता है। द्वारका में जन्माष्टमी (अगस्त-सितंबर) आस्था का शिखर है, पर भीड़ बहुत रहती है। सोमनाथ में शिवरात्रि (फरवरी-मार्च) सबसे बड़ा पर्व है।

क्या आगे चलकर तिरुपति या चार धाम जोड़ सकते हैं?

हाँ — यह सौराष्ट्र यात्रा बड़ी आदि चार धाम यात्रा का ही एक हिस्सा बन जाती है। द्वारका पश्चिम का धाम है; पुरी पूर्व में, रामेश्वरम दक्षिण में और बद्रीनाथ उत्तर में। पूरी यात्रा के लिए /tours/adi-char-dham-yatra देखिए।

क्या फोटो खींच सकते हैं?

द्वारकाधीश और सोमनाथ के गर्भगृह के भीतर मोबाइल और कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं है। बाहरी प्रांगण और समुद्र-तट पर फोटो लेने में कोई रोक नहीं। पूजा-अनुष्ठान कर रहे यात्रियों का सदा आदर रखिए।

क्या एक ही यात्रा में दोनों ज्योतिर्लिंग और बेट द्वारका हो जाते हैं?

हाँ। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वारका से ओखा रोड पर ~17 किमी है, और बेट द्वारका अब 2.3 किमी लंबे सुदर्शन सेतु से सड़क मार्ग से पहुँच में है — नाव की ज़रूरत नहीं। एक सामान्य सुबह में नागेश्वर और बेट द्वारका, दोनों के दर्शन कर द्वारका लौटा जा सकता है; और सोमनाथ, प्रथम ज्योतिर्लिंग, यात्रा के दूसरे छोर को थामे रहता है। बारह में से दो ज्योतिर्लिंग, बिना हड़बड़ी 3–4 दिन की यात्रा में।

किन आरतियों के हिसाब से दिन बाँधें?

द्वारका में द्वारकाधीश की शाम 7:30 वाली संध्या आरती — 7:00 बजे तक पहुँच जाइए। सोमनाथ में ज्योतिर्लिंग की शाम 7:00 की आरती, और उसके बाद तट पर रात 8:00 का लाइट एंड साउंड शो। दोनों नगर पाँच घंटे की दूरी पर हैं, इसलिए हर एक को उसकी अपनी शाम दीजिए — यही कारण है कि इस यात्रा के लिए कम से कम तीन दिन चाहिए। द्वारकाधीश की मंगला आरती (~सुबह 6:30) जल्दी उठने वालों के लिए पूरी तरह सार्थक रहती है।

जन्माष्टमी पर द्वारका में क्या होता है — क्या उसी के हिसाब से योजना बनाएँ?

जन्माष्टमी (चंद्र पंचांग के अनुसार अगस्त–सितंबर) द्वारकाधीश का सबसे बड़ा पर्व है: जन्म की घड़ी के लिए विशेष दर्शन आधी रात के बाद तक चलते हैं और नगर कई दिन पहले से भर जाता है। पर्व में सम्मिलित होना है तो होटल और गाड़ी 1–2 महीने पहले बुक कर लीजिए और लंबी क़तारों के लिए तैयार रहिए; शांत दर्शन चाहिए तो उससे हफ़्ते भर की दूरी रखिए। पूरी यात्रा के लिए अक्टूबर–मार्च सबसे सौम्य मौसम रहता है।

क्या द्वारका से सोमनाथ ट्रेन या बस से जा सकते हैं?

सीधी सुविधाजनक ट्रेन नहीं है; सरकारी बसें चलती हैं पर समय ज़्यादा लेती हैं और रास्ते के अच्छे पड़ाव छूट जाते हैं। ज़्यादातर यात्री टैक्सी लेते हैं — तटीय हाईवे पर लगभग 5 घंटे — जिससे रास्ते में पोरबंदर और हरसिद्धि माता के दर्शन भी हो जाते हैं और समय आपका अपना रहता है। WhatsApp पर अपनी तिथियाँ भेजिए, हम टैक्सी सहित पूरी यात्रा का पक्का लिखित कोटेशन भेज देंगे।

जय द्वारकाधीश · ॐ नमः शिवाय

अपनी द्वारका–सोमनाथ यात्रा आरंभ कीजिए

हमें अपनी यात्रा का महीना बताइए — कुछ ही घंटों में साफ़-सुथरा सौराष्ट्र कार्यक्रम, होटल और गाड़ी की योजना भेज देंगे।

बुकिंग और भुगतान

यह कैसे होता है

कोई छिपी बात नहीं। आपके पहले संदेश से यात्रा के दिन तक ठीक-ठीक यही होता है।

  1. 1

    अपनी तारीखें बताएँ

    WhatsApp, फोन या पूछताछ फॉर्म से तारीखें, यात्रियों की संख्या और पसंद बताएँ। अभी कोई बंधन नहीं।

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    यात्रा-कार्यक्रम और कोटेशन पाएँ

    हम लिखित यात्रा-कार्यक्रम, समावेश और पक्का कोटेशन भेजते हैं। आप बिना किसी शुल्क के बदलाव या मना कर सकते हैं।

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    ऑनलाइन इनवॉइस से भुगतान

    भुगतान मानक इनवॉइस और डिजिटल माध्यमों (UPI, कार्ड, नेट-बैंकिंग) से होता है।

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    पुष्टि और सहायता

    पुष्टि ईमेल में आपकी बुकिंग, संपर्क और पिकअप समय होते हैं। रिफंड, यदि लागू हो, हमारी प्रकाशित नीतिके अनुसार होता है।

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