
अपनी अयोध्या यात्रा की योजना बनाएँ
श्री राम जन्मभूमि के दर्शन, हनुमान गढ़ी, कनक भवन और सरयू आरती — मर्यादा पुरुषोत्तम की नगरी में, नित्य बहती सरयू के तट पर, एक पूरी अयोध्या यात्रा।
उत्तर प्रदेश · साकेत · श्री राम जन्मभूमि
परम्परा
अयोध्या यात्रा क्या है?
सरयू के तट पर बसी अयोध्या श्री राम की शाश्वत नगरी है, जो सनातन धर्म की सात मोक्षपुरियों में गिनी जाती है। यात्रा का केन्द्र है श्री राम जन्मभूमि मन्दिर — जिसकी प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई — और साथ में हनुमान गढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ, त्रेता के ठाकुर, सरयू घाट और अन्तर्गृही अयोध्या परिक्रमा। परम्परागत अयोध्या यात्रा में कम-से-कम ये सात दर्शन किए जाते हैं; जिनके पास समय अधिक हो, वे नैमिषारण्य, फ़ैज़ाबाद और राम पथ के छोटे मन्दिरों के दर्शन भी करते हैं।
हनुमान गढ़ी
द्वारपाल
राम जन्मभूमि
जन्मस्थान
कनक भवन
सीता जी का भवन
सरयू घाट
स्नान और तर्पण
दर्शन की तैयारी
राम मन्दिर दर्शन — समय, आरतियाँ और पास की व्यवस्था
श्री राम जन्मभूमि मन्दिर में राम लला के दर्शन निःशुल्क हैं — ट्रस्ट की ओर से कोई पैसे वाली VIP लाइन नहीं है। मन्दिर सुबह दर्शन के लिए खुलता है और दोपहर में भोग के लिए कुछ देर बन्द रहता है (लगभग 11:30 AM – 2:00 PM); शाम के दर्शन शयन आरती तक चलते हैं। निःशुल्क सुगम दर्शन ई-पास, जो केवल आधिकारिक पोर्टल online.srjbtkshetra.org पर बुक होता है, आपको तय समय वाली अलग पंक्ति देता है जिसमें प्रतीक्षा काफ़ी कम होती है — स्लॉट लगभग 15 दिन पहले खुलते हैं और मिनटों में भर जाते हैं। आधार साथ रखें (विदेशी यात्रियों के लिए पासपोर्ट); प्रवेश पर जाँच होती है।
| आरती | समय | ध्यान रखें |
|---|---|---|
| मंगला आरती | 4:00 AM | पास ज़रूरी — ट्रस्ट पोर्टल पर काफ़ी पहले से बुक करें। |
| शृंगार आरती | 6:30 AM | पास ज़रूरी। राम लला का दिन भर के लिए शृंगार। |
| भोग आरती | दोपहर 12:00 | दोपहर में दर्शन रुकते हैं; लगभग 2:00 PM पर फिर शुरू। |
| सन्ध्या आरती | 7:00 PM | शाम की आरती। |
| शयन आरती | ~9:30 PM | दिन की अन्तिम आरती — इसके बाद मन्दिर विश्राम में। |
परम्परा का क्रम: यात्री सबसे पहले हनुमान गढ़ी के दर्शन करते हैं — हनुमान जी अयोध्या के रखवाले हैं, राम लला के पास जाने से पहले उनकी आज्ञा ली जाती है। ऊपर जाने वाली 76 सीढ़ियाँ लगभग 5:00 AM से दोपहर 12:00 तक और फिर 4:00 PM से 9:00 PM तक खुली रहती हैं। शाम को राम की पैड़ी पर सरयू आरती सूर्यास्त के समय होती है — निःशुल्क, बिना टिकट, और अयोध्या की सबसे भाव-भरी घड़ियों में से एक। जन्मभूमि परिसर के भीतर मोबाइल, कैमरा, स्मार्ट वॉच, बड़े बैग और चमड़े की चीज़ें ले जाना मना है; प्रवेश द्वार पर लॉकर की सुविधा है।
पर्व-त्योहार के दिनों में समय बदल जाता है। सतमार्ग के साथ यात्रा करने पर हम आपके दर्शन से पहले हर समय की दोबारा पुष्टि करते हैं — यह हमारे वचन का हिस्सा है।
यहाँ तक का रास्ता
अयोध्या कैसे पहुँचें
प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या उत्तर भारत के सबसे सुलभ तीर्थों में गिनी जाने लगी है। आप जैसे भी पहुँचें, हर सतमार्ग पैकेज में पिकअप शामिल है — आपको लेने कोई आता है, रास्ता आपको स्वयं नहीं खोजना पड़ता।
| कहाँ से | हवाई मार्ग से | ट्रेन से |
|---|---|---|
| दिल्ली | अयोध्या एयरपोर्ट (AYJ) तक ~1.5 घण्टे | आनन्द विहार से वंदे भारत ~8 घण्टे 20 मिनट; रातभर की ट्रेनें भी उपलब्ध |
| लखनऊ | सबसे नज़दीकी बड़ा एयरपोर्ट (~135 km दूर) | रेल से ~2–3 घण्टे, या हमारे साथ AC कैब से (~3 घण्टे) |
| वाराणसी | — | ~188 km; वंदे भारत ~2.5 घण्टे |
| प्रयागराज | — | सड़क से ~167 km (AC कैब से ~4 घण्टे); रेल भी उपलब्ध |
| मुम्बई / बेंगलुरु / हैदराबाद / कोलकाता | AYJ के लिए अधिकांश दिनों में सीधी उड़ानें | रेल मार्ग लम्बे हैं — उड़ान की सलाह |
महर्षि वाल्मीकि अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम (AYJ) — दिसम्बर 2023 में शुरू हुआ — राम जन्मभूमि क्षेत्र से लगभग 10 km दूर है, कैब से क़रीब 25 मिनट। अयोध्या धाम जंक्शन मुख्य रेलवे स्टेशन है, जहाँ से नए राम पथ होते हुए मन्दिर क्षेत्र थोड़ी ही दूरी पर है। गाड़ियाँ जन्मभूमि के पास बने तय ड्रॉप पॉइंट तक जाती हैं; वहाँ से हमारी टीम आपके साथ पैदल चलती है।
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दो दिन की झटपट यात्रा, तीन दिन की पूरी यात्रा, या साकेत-काशी-प्रयाग की बहु-नगर यात्रा — सबमें जन्मभूमि दर्शन की बुकिंग हमारी ओर से।
7
पावन दर्शन
5
जन्मभूमि में प्रतिदिन आरतियाँ
10 लाख+
दीप उत्सव पर दीये
सालभर
यात्रा का मौसम
सभी विकल्प
अयोध्या यात्रा पैकेज
एक दिन के दर्शन से लेकर साकेत-काशी-प्रयाग की बहु-नगर यात्राओं तक।

वाराणसी + अयोध्या — 3 दिन, 2 रातें

वाराणसी + अयोध्या + प्रयागराज — 5 दिवसीय दिव्य त्रिकोण

साकेत-काशी-प्रयाग यात्रा दिल्ली से — 4 दिन

साकेत-काशी-प्रयाग यात्रा — 5 दिन

साकेत-काशी-प्रयाग यात्रा — 6 दिन, कम्फ़र्ट (मुंबई से, उड़ान-सहित)

अयोध्या यात्रा दिल्ली से — 2 रात / 3 दिन

अयोध्या यात्रा कम्फर्ट — 4 दिन, दिल्ली से

अयोध्या यात्रा लखनऊ से — 2 दिन / 1 रात

अयोध्या यात्रा प्रीमियम — 4 दिन (दिल्ली से)

सरयू किनारे एक शाम
श्री राम की नदी पर दीये
सूरज ढलते ही राम की पैड़ी के घाट यात्रियों से भर जाते हैं। पण्डित बड़े-बड़े पीतल के दीप लेकर आ जुटते हैं, और पुजारी संकीर्तन आरम्भ करते हैं — श्री राम जय राम, जय जय राम। नदी की धुंध के साथ आरती की लौ ऊपर उठती है, और सीढ़ियों पर बैठे परिवार मिट्टी के छोटे-छोटे दीये जलाकर सरयू में प्रवाहित करते हैं।
पश्चिम में श्री राम जन्मभूमि का नया मन्दिर ढलती धूप की आख़िरी किरणें समेटता है। पूरब में लक्ष्मण क़िला और पुराना नागेश्वरनाथ वैसे ही खड़े हैं, जैसे पीढ़ियों से खड़े आए हैं। यात्री पानी के किनारे बैठता है, धारा पर बहते दीये को देखता है, और बरसों से जपा हुआ राम का नाम सीने में एक शान्त अनुभूति बन जाता है।
यही अयोध्या यात्रा का हृदय है — केवल जन्मभूमि की क़तारें नहीं, बल्कि सरयू किनारे की वह सन्ध्या भी, जब श्री राम की नगरी शाम के दीयों से जगमगा उठती है।
सतमार्ग ही क्यों
सतमार्ग आपकी अयोध्या यात्रा का ख़याल कैसे रखता है
ट्रस्ट पोर्टल पर बुकिंग
राम पथ के पास होटल
स्थानीय पण्डित और गाइड
शुरू से आख़िर तक साथ
पूछताछ से यात्रा तक
पूछताछ से यात्रा तक
- 1
1. अपनी तारीख़ें और यात्री बताइए
यात्रा का महीना, कितने लोग, कितने दिन, और कोई विशेष इच्छा (दीप उत्सव, राम नवमी, सरयू पर पिण्डदान)।
- 2
2. यात्रा-योजना और क़ीमत
दिन-प्रतिदिन की योजना, होटल, गाड़ी, गाइड, जन्मभूमि बुकिंग के स्लॉट। पक्की क़ीमत, कोई छिपा ख़र्च नहीं।
- 3
3. बुकिंग और पुष्टि
हम ट्रस्ट पोर्टल की बुकिंग करते हैं, होटल और गाड़ी पक्की करते हैं, और आपसे पुष्टि करते हैं।
- 4
4. यात्रा — पूरे सफ़र में साथ
सारी बुकिंग, सम्पर्क और आरती के समय के साथ पुष्टि-पत्र। पूरी यात्रा के दौरान हम फ़ोन पर उपलब्ध।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अयोध्या यात्रा — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्री राम जन्मभूमि में दर्शन कैसे मिलेंगे?
दर्शन और आरती की बुकिंग आधिकारिक श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पोर्टल से होती है। यात्रा पैकेज के हिस्से के तौर पर आपके साथ आए हर यात्री की बुकिंग हम करते हैं। बुकिंग की छपी हुई कॉपी और सरकारी फ़ोटो पहचान-पत्र साथ रखें।
क्या जन्मभूमि मन्दिर के भीतर फ़ोन ले जा सकते हैं?
नहीं। मोबाइल, कैमरा, स्मार्ट वॉच, बड़े बैग और चमड़े के पर्स जन्मभूमि परिसर के भीतर ले जाना मना है। प्रवेश द्वार पर सामान रखने की व्यवस्था है। बस पहचान-पत्र, बुकिंग का प्रिंट और बहुत ज़रूरी चीज़ें ही साथ रखें।
अयोध्या जाने का सबसे अच्छा समय कौन-सा है?
मौसम के लिहाज़ से अक्टूबर से मार्च सबसे सुहाना समय है। सबसे बड़े आध्यात्मिक अवसर हैं दीप उत्सव (कार्तिक की छोटी दिवाली), राम नवमी (चैत्र) और 22 जनवरी की प्राण प्रतिष्ठा वर्षगाँठ। दिवाली के बाद का नवम्बर और प्राण प्रतिष्ठा वर्षगाँठ के बाद जनवरी का आख़िरी हिस्सा — शान्त दर्शन के लिए अच्छे दिन हैं।
अयोध्या यात्रा में कितने दिन लगते हैं?
लखनऊ से एक दिन की यात्रा में मुख्य दर्शन तो हो जाते हैं, पर भागदौड़ रहती है। अयोध्या में कम-से-कम दो दिन रखने की सलाह है — पहले दिन हनुमान गढ़ी, जन्मभूमि, कनक भवन और सरयू आरती; दूसरे दिन नागेश्वरनाथ, त्रेता के ठाकुर, और तारीख़ों में गुंजाइश हो तो अन्तर्गृही परिक्रमा।
क्या सरयू पर पिण्डदान हो सकता है?
हाँ — पिण्डदान और तर्पण के लिए अयोध्या उत्तर भारत के प्रमुख तीर्थों में है। हम सरयू घाट पर योग्य पण्डित की व्यवस्था कर सकते हैं, ज़रूरी सामग्री समेत। पूछताछ के समय ही बता दें, ताकि मुहूर्त और पण्डित जी की दक्षिणा यात्रा-योजना में जोड़ी जा सके।
अयोध्या के मन्दिरों में पहनावे का क्या नियम है?
पहनावा मर्यादित रखें — पूरी बाँह की कमीज़ या कुर्ता और पूरी लम्बाई का निचला वस्त्र, ख़ासकर जन्मभूमि और हनुमान गढ़ी में। चमड़े की चीज़ें जन्मभूमि परिसर के भीतर ले जाना मना है; उन्हें उतार दें या चप्पल स्टैंड पर छोड़ दें।
अयोध्या को काशी या प्रयागराज के साथ कैसे जोड़ें?
अधिकांश यात्री पहले अयोध्या, फिर प्रयागराज, फिर वाराणसी करते हैं — साकेत-काशी-प्रयाग यात्रा — 5 से 6 दिनों में। इस संयोजन का अलग पैकेज /tours/kashi-yatra पेज पर है; पूछताछ के समय अयोध्या का ज़िक्र कर दें, हम उसे यात्रा-योजना में जोड़ देंगे।
क्या अकेले यात्रियों और बुज़ुर्गों के लिए अयोध्या सुरक्षित है?
हाँ। अयोध्या में होटल और नए राम पथ की सुविधाएँ अच्छी हैं। मन्दिर परिसर की सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी है। बुज़ुर्गों के लिए जन्मभूमि के पास के होटल माँगें, ताकि पैदल कम चलना पड़े; चलने-फिरने में कोई दिक़्क़त हो तो हमें पहले बता दें, हम उसी हिसाब से योजना बनाएँगे।
क्या राम मन्दिर में पैसे देकर VIP दर्शन होता है?
नहीं। सामान्य दर्शन निःशुल्क हैं और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कोई पैसे वाली VIP लाइन नहीं चलाता। online.srjbtkshetra.org पर मिलने वाला निःशुल्क सुगम दर्शन ई-पास — जो लगभग 15 दिन पहले खुलता है और मिनटों में ख़त्म हो जाता है — तय समय वाली पंक्ति देता है, जिसमें प्रतीक्षा कम होती है। जन्मभूमि के लिए 'VIP दर्शन टिकट' बेचने वाला कोई भी व्यक्ति आधिकारिक नहीं है। हम केवल ट्रस्ट पोर्टल से बुकिंग करते हैं — हर अयोध्या पैकेज में।
राम मन्दिर की आरतियों का समय क्या है?
मंगला आरती 4:00 AM, शृंगार 6:30 AM, भोग दोपहर 12 बजे (दर्शन लगभग 11:30 AM से 2:00 PM तक रुकते हैं), सन्ध्या 7:00 PM और शयन लगभग 9:30 PM। मंगला और शृंगार के लिए ट्रस्ट पोर्टल से पास ज़रूरी है। पर्व के दिनों में समय बदलता है — आपके दर्शन से पहले हम मन्दिर से दोबारा पुष्टि करते हैं।
दिल्ली से अयोध्या कैसे पहुँचें?
महर्षि वाल्मीकि अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (AYJ) की उड़ान लगभग 1.5 घण्टे की है, या आनन्द विहार से वंदे भारत एक्सप्रेस लें — अयोध्या तक लगभग 8 घण्टे 20 मिनट। रातभर की ट्रेनें भी चलती हैं। हर पैकेज में एयरपोर्ट और स्टेशन से पिकअप शामिल है।
सरयू आरती कब होती है और क्या टिकट लगता है?
हर शाम सूर्यास्त पर राम की पैड़ी पर — निःशुल्क, कोई टिकट नहीं। पुजारियों के पास जगह चाहिए तो 30–45 मिनट पहले पहुँचें। सूर्यास्त के साथ ठीक समय सालभर बदलता रहता है; हम आपकी शाम ऐसे तय करते हैं कि जन्मभूमि के दर्शन आरती शुरू होने से आराम से पहले पूरे हो जाएँ।

अपनी अयोध्या यात्रा आरम्भ करें
हमें अपनी तारीख़ें बताइए — कुछ ही घण्टों में साफ़-सुथरी यात्रा-योजना, क़ीमत और जन्मभूमि बुकिंग की रूपरेखा आपके पास होगी।
यात्रा जारी रखें
और यात्राएँ
बुकिंग और भुगतान
यह कैसे होता है
कोई छिपी बात नहीं। आपके पहले संदेश से यात्रा के दिन तक ठीक-ठीक यही होता है।
- 1
अपनी तारीखें बताएँ
WhatsApp, फोन या पूछताछ फॉर्म से तारीखें, यात्रियों की संख्या और पसंद बताएँ। अभी कोई बंधन नहीं।
- 2
यात्रा-कार्यक्रम और कोटेशन पाएँ
हम लिखित यात्रा-कार्यक्रम, समावेश और पक्का कोटेशन भेजते हैं। आप बिना किसी शुल्क के बदलाव या मना कर सकते हैं।
- 3
ऑनलाइन इनवॉइस से भुगतान
भुगतान मानक इनवॉइस और डिजिटल माध्यमों (UPI, कार्ड, नेट-बैंकिंग) से होता है।
- 4
पुष्टि और सहायता
पुष्टि ईमेल में आपकी बुकिंग, संपर्क और पिकअप समय होते हैं। रिफंड, यदि लागू हो, हमारी प्रकाशित नीतिके अनुसार होता है।


