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दिल्ली से काशी यात्रा — ट्रेन, फ्लाइट और दर्शन योजना
दिल्ली से काशी

दिल्ली से काशी यात्रा

राजधानी से गाड़ी पकड़िए और आँख खुले धरती की सबसे पुरानी जीवित नगरियों में से एक में। ट्रेन, फ्लाइट, दर्शन और बीच का हर समय — योजना उस टीम की, जो वाराणसी में ही रहती है।

दिल्ली → वाराणसी · काशी यात्रा

स्टेशन और एयरपोर्ट पिकअपकाशी विश्वनाथ दर्शनभोर में गंगा नौका विहारसारनाथ भ्रमणपैदल दूरी पर होटल

पहुँचने के रास्ते

दिल्ली के यात्री वाराणसी कैसे पहुँचते हैं

काशी यात्रा के लिए दिल्ली सबसे अच्छे जुड़े शहरों में से है — कैसे पहुँचना है, यह आप अपने मन से चुन सकते हैं।

वंदे भारत से। नई दिल्ली–वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस (22436, वापसी में 22435) देश की सबसे पहली वंदे भारत थी — फरवरी 2019 में इसी मार्ग पर शुरू हुई। यह कानपुर और प्रयागराज होकर चलती है, नई दिल्ली से सुबह 6:00 बजे छूटती है और दोपहर करीब 2:00 बजे वाराणसी पहुँचती है — लगभग 8 घंटे, सप्ताह के अधिकांश दिन। घर से नाश्ता करके निकलिए और शाम की आरती के समय घाट पर खड़े होइए।

रातभर की ट्रेन से। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस और महामना एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें दिल्ली को वाराणसी से जोड़ती हैं — रात में गाड़ी पकड़िए, आँख काशी में खुले। कई परिवारों के लिए तीर्थयात्रा का यही ढंग है — वैसा ही, जैसा उनके माता-पिता किया करते थे।

हवाई मार्ग से। दिल्ली से बाबतपुर के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक नियमित सीधी उड़ानें हैं — शहर से लगभग 22 किमी, पुराने शहर तक सड़क से करीब एक घंटा।

आप जो भी चुनें, हर Satmarg पैकेज पिकअप से शुरू होता है। ट्रेनें वाराणसी जंक्शन या बनारस स्टेशन पहुँचती हैं, और कुछ लंबी दूरी की गाड़ियाँ 16 किमी दूर पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन जाती हैं — हमारा ड्राइवर हर हाल में सही प्लेटफ़ॉर्म के बाहर मिलता है। घाटों के पास की गलियों में गाड़ियाँ नहीं जातीं, इसलिए हम आपको सबसे नज़दीकी अनुमति वाली जगह तक छोड़ते हैं और वहाँ से पैदल साथ चलते हैं।

योजना

3 रात / 4 दिन के काशी दर्शन में क्या-क्या होता है

तीन रातें वह ठहराव है जिस पर काशी सूची भर नहीं रह जाती, तीर्थयात्रा बन जाती है। दिल्ली के अधिकांश परिवारों के लिए हम यात्रा का यही रूप बनाते हैं:

दिनक्या होगा
पहला दिनवंदे भारत, रातभर की ट्रेन या सुबह की फ्लाइट से पहुँचिए। घाटों के पास चेक-इन, थोड़ा विश्राम, फिर शाम को दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती — बैठने की जगह पहले से तय, ताकि आप पीछे खड़े न रह जाएँ।
दूसरा दिनभोर में घाटों के किनारे नौका विहार, फिर परंपरागत काशी यात्रा क्रम — साक्षी विनायक, काल भैरव, अन्नपूर्णा, और अंत में श्री काशी विश्वनाथ। यह क्रम ही अर्थ का हिस्सा है।
तीसरा दिनसारनाथ, जहाँ भगवान बुद्ध ने पहला उपदेश दिया — शहर से बस 10 किमी। दोपहर में संकट मोचन, दुर्गा मंदिर, और गलियों में बिना जल्दबाज़ी का समय।
चौथा दिनएक आख़िरी सुबह का दर्शन या घाटों पर एक शांत घंटा, फिर घर की ट्रेन या फ्लाइट तक विदा।

पाँचवाँ दिन हो तो? प्रयागराज और त्रिवेणी संगम 128 किमी दूर हैं — काशी–प्रयागराज–अयोध्या का पारंपरिक त्रिकोण दिल्ली के यात्रियों के लिए सहज विस्तार है, ख़ासकर सड़क मार्ग से घर लौटते हुए।

बारीकियों की योजना

दर्शन के समय, आरतियाँ और सारे पैकेज

मंदिर के समय, दिन की पाँचों आरतियाँ, मंदिर ट्रस्ट का बिना कतार वाला सुगम दर्शन, त्योहारों की तिथियाँ और दिनों के हिसाब से सजे हमारे सारे पैकेज — सब कुछ हमारे मुख्य काशी यात्रा हब पर है। त्योहार के दिनों में समय बदलते रहते हैं, इसलिए हमारे साथ यात्रा में हम आपके दर्शन से पहले मंदिर से हर समय की फिर से पुष्टि करते हैं — यह हमारे वचन का हिस्सा है।

सतमार्ग ही क्यों

आपकी यात्रा में Satmarg की भूमिका

01

स्थानीय जानकारी

हमारी टीम वाराणसी में ही जन्मी-पली है। हर मंदिर का समय, हर गली, हर शांत घाट — हम निजी तौर पर जानते हैं।

02

अगवानी होती है, रास्ता खोजना नहीं पड़ता

स्टेशन या एयरपोर्ट पर स्वागत, घाटों के सबसे नज़दीक अनुमति वाली जगह तक गाड़ी, और वहाँ से एक व्यक्ति साथ पैदल — मोलभाव के लिए कभी अकेला नहीं छोड़ते।

03

पक्का, लिखा हुआ दाम

कुछ भी देने से पहले WhatsApp पर एक पक्का, लिखा हुआ दाम। टोल, पार्किंग, टैक्स — सब पहले से साफ़। रास्ते में कोई कमीशन वाली दुकान नहीं।

04

जवाब इंसान देता है, बॉट नहीं

हमारी टीम का एक असली व्यक्ति जवाब देता है — कभी ऑटो-रिप्लाई या बना-बनाया संदेश नहीं।

पूछताछ से यात्रा तक

यह कैसे होता है

  1. 1

    हमें संदेश भेजिए

    अपनी तारीख़ें, कितने लोग, और ट्रेन से आ रहे हैं या फ्लाइट से — बता दीजिए। WhatsApp या नीचे का फ़ॉर्म — दोनों चलते हैं।

  2. 2

    हम पक्का, लिखा हुआ दाम भेजते हैं

    होटल की श्रेणी, अतिरिक्त विकल्प, और कुल दाम — WhatsApp पर लिखकर। छिपा हुआ खर्च कभी नहीं।

  3. 3

    आप हाँ कहिए, हम सब पक्का कर देते हैं

    होटल, नाव के स्लॉट, आरती की जगहें और गाड़ी — सब आरक्षित। यात्रा से पहले की जानकारी का दस्तावेज़ आपको भेज दिया जाता है।

  4. 4

    आइए, और यात्रा पर चलिए

    स्टेशन या एयरपोर्ट पर हम आपसे मिलते हैं। इंतज़ाम की हर बात हमारे ज़िम्मे। आपका ध्यान बस तीर्थयात्रा पर।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के यात्री हमसे जो प्रश्न पूछते हैं

दिल्ली से ट्रेन या फ्लाइट — काशी यात्रा के लिए क्या बेहतर है?

अधिकांश परिवारों के लिए वंदे भारत (कानपुर और प्रयागराज होकर, लगभग 8 घंटे) सबसे सधा हुआ विकल्प है — दिन में यात्रा, एयरपोर्ट की कतारें नहीं, और शाम की आरती के समय तक पहुँच। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस और महामना एक्सप्रेस जैसी रातभर की ट्रेनें होटल की एक रात बचाती हैं। सीधी फ्लाइट 3 रात के छोटे कार्यक्रमों और बुज़ुर्ग यात्रियों के लिए ठीक रहती है। WhatsApp पर अपनी तारीख़ें बताइए — आप जो भी चुनें, दर्शन का कार्यक्रम हम उसी के अनुसार बनाते हैं।

मेरी ट्रेन किस स्टेशन पहुँचेगी, और घाटों तक कैसे जाएँगे?

दिल्ली की ट्रेनें वाराणसी जंक्शन या बनारस स्टेशन पहुँचती हैं, और कुछ लंबी दूरी की गाड़ियाँ लगभग 16 किमी दूर पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन जाती हैं। हर पैकेज में तीनों में से किसी भी स्टेशन से पिकअप शामिल है। घाटों के पास की गलियों में गाड़ियाँ नहीं जा सकतीं — ड्राइवर आपको सबसे नज़दीकी अनुमति वाली जगह तक छोड़ता है और टीम का एक सदस्य सामान समेत आपके साथ पैदल चलता है।

क्या दिल्ली से लंबे वीकेंड में काशी यात्रा हो सकती है?

हाँ — 3 रात / 4 दिन ठीक लंबे वीकेंड का ही आकार है। शुक्रवार सुबह दिल्ली से निकलिए, उसी शाम गंगा आरती देखिए, शनिवार को परंपरागत चार-मंदिर क्रम पूरा कीजिए, रविवार को सारनाथ, और सोमवार रात तक घर। सुबह-सुबह की वंदे भारत या सीधी फ्लाइट से दर्शन का कोई समय यात्रा में नहीं जाता।

क्या यात्रा में अयोध्या या प्रयागराज जोड़ सकते हैं?

हाँ। प्रयागराज और त्रिवेणी संगम वाराणसी से 128 किमी हैं, और काशी–अयोध्या–प्रयागराज का त्रिकोण एक जाना-माना संयुक्त मार्ग है — AC गाड़ी से प्रायः 5 दिन। दिल्ली के यात्रियों के लिए यह ख़ास सुविधाजनक है, क्योंकि आख़िरी शहर से ही घर लौट सकते हैं, पीछे मुड़ना नहीं पड़ता।

दिल्ली से काशी यात्रा पैकेज का दाम कितना है?

दाम मौसम, होटल की श्रेणी और लोगों की संख्या पर निर्भर करता है, इसलिए हम कोई ऐसा आँकड़ा नहीं छापते जो आधे साल ग़लत रहे। WhatsApp पर तारीख़ें और लोगों की संख्या भेजिए — हम पक्का, लिखा हुआ दाम भेजते हैं, जिसमें सब शामिल है और बाद में कुछ नहीं जुड़ता।

मेरे माता-पिता बुज़ुर्ग हैं। क्या यात्रा उनके लिए संभव है?

हाँ, सही ठहराव के साथ। हम पैदल चलना कम रखते हैं, जहाँ गलियाँ इजाज़त दें वहाँ गाड़ी, हर दिन में विश्राम, और काशी विश्वनाथ में मंदिर ट्रस्ट का बिना कतार वाला सुगम दर्शन विकल्प। संदेश में उम्र बता दीजिए — योजना उन्हीं के अनुसार बनती है, किसी बने-बनाए कार्यक्रम में ठूँसी नहीं जाती।

हर हर महादेव

आपकी दिल्ली से काशी यात्रा यहीं से शुरू होती है

अपनी तारीख़ें, अपने लोग और यात्रा का ढंग बताइए। बाक़ी योजना हमारी।

सभी विकल्प

अपना पैकेज चुनें

सभी पैकेज में AC वाहन और होटल शामिल हैं।

बुकिंग और भुगतान

यह कैसे होता है

कोई छिपी बात नहीं। आपके पहले संदेश से यात्रा के दिन तक ठीक-ठीक यही होता है।

  1. 1

    अपनी तारीखें बताएँ

    WhatsApp, फोन या पूछताछ फॉर्म से तारीखें, यात्रियों की संख्या और पसंद बताएँ। अभी कोई बंधन नहीं।

  2. 2

    यात्रा-कार्यक्रम और कोटेशन पाएँ

    हम लिखित यात्रा-कार्यक्रम, समावेश और पक्का कोटेशन भेजते हैं। आप बिना किसी शुल्क के बदलाव या मना कर सकते हैं।

  3. 3

    ऑनलाइन इनवॉइस से भुगतान

    भुगतान मानक इनवॉइस और डिजिटल माध्यमों (UPI, कार्ड, नेट-बैंकिंग) से होता है।

  4. 4

    पुष्टि और सहायता

    पुष्टि ईमेल में आपकी बुकिंग, संपर्क और पिकअप समय होते हैं। रिफंड, यदि लागू हो, हमारी प्रकाशित नीतिके अनुसार होता है।

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