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मुंबई से काशी यात्रा — फ़्लाइट, ट्रेन और दर्शन की योजना
मुंबई से काशी

मुंबई से काशी यात्रा

सागर की नगरी से गंगा की नगरी तक। फ़्लाइट, वह जानी-पहचानी रेल-राह, दर्शन और बीच का हर समय — उस टीम के हाथों, जो वाराणसी में ही रहती है।

मुंबई → वाराणसी · काशी यात्रा

एयरपोर्ट और स्टेशन से लेनाकाशी विश्वनाथ दर्शनभोर की गंगा नौका-सैरसारनाथ की यात्रापैदल दूरी के होटल

पहुँचने का रास्ता

मुंबई के तीर्थयात्री वाराणसी कैसे पहुँचते हैं

मुंबई के तीर्थयात्रियों के मन में काशी की यात्रा बहुत पहले से बसी रही है — और आज तो वह बस एक छोटी-सी फ़्लाइट भर दूर है।

हवाई मार्ग से। मुंबई से बाबतपुर के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक नियमित सीधी फ़्लाइटें हैं — शहर से क़रीब 22 किमी, पुराने शहर तक सड़क से लगभग एक घंटा। 3 रात की यात्रा में दोनों ओर की फ़्लाइट हर दिन दर्शन के लिए बचा देती है, और अधिकतर परिवारों के लिए यही सहूलियत का रास्ता है।

ट्रेन से। महानगरी एक्सप्रेस दशकों से मुंबई के तीर्थयात्रियों को काशी पहुँचाती आई है — सीधी ट्रेन है, पर एक तरफ़ का सफ़र ही पूरे दिन से कहीं ज़्यादा खिंच जाता है। अगर आपके परिवार के लिए यह रेल-यात्रा भी तीर्थ का ही हिस्सा है, तो हम ख़ुशी से उसी के हिसाब से दिन सजाते हैं; और अगर छुट्टियाँ कम हों, तो फ़्लाइट लीजिए।

रास्ता कोई भी हो, Satmarg के हर पैकेज की शुरुआत आपको लेने से होती है। फ़्लाइट बाबतपुर उतरती है; ट्रेनें वाराणसी जंक्शन या बनारस स्टेशन आती हैं, और लंबी दूरी की कुछ गाड़ियाँ 16 किमी दूर पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन पर रुकती हैं। हमारा ड्राइवर अराइवल गेट पर या प्लेटफ़ॉर्म के बाहर खड़ा मिलता है, और चूँकि घाटों के सबसे पास की गलियों में गाड़ियाँ नहीं जातीं, हम आपको आख़िरी अनुमति-प्राप्त जगह तक पहुँचाते हैं और वहाँ से पैदल साथ ले चलते हैं।

यात्रा की रूपरेखा

3 रात / 4 दिन के काशी दर्शन में क्या-क्या आता है

तीन रातें वह ठहराव देती हैं जिसमें काशी सूची भर नहीं रहती, तीर्थयात्रा बन जाती है। मुंबई के अधिकतर परिवारों के लिए हम यात्रा को इसी रूप में सजाते हैं:

दिनक्या-क्या होता है
दिन 1मुंबई से सुबह की फ़्लाइट, घाटों के पास होटल में चेक-इन, दोपहर की गर्मी में विश्राम, फिर शाम को दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती — बैठने की जगह पहले से तय, ताकि आप पीछे खड़े न रह जाएँ।
दिन 2भोर में घाटों के किनारे-किनारे नौका-सैर, फिर पारंपरिक काशी यात्रा क्रम — साक्षी विनायक, काल भैरव, अन्नपूर्णा, और अंत में श्री काशी विश्वनाथ। यह क्रम ही अर्थ का हिस्सा है।
दिन 3सारनाथ, जहाँ भगवान बुद्ध ने पहला उपदेश दिया — शहर से बस 10 किमी। दोपहर में संकट मोचन, दुर्गा मंदिर, और गलियों में बिना जल्दबाज़ी का समय।
दिन 4एक आख़िरी सुबह का दर्शन या घाटों पर एक शांत घंटा, फिर घर की राह के लिए एयरपोर्ट या स्टेशन।

मुंबई के कई परिवार एक ही बार में घर के कई बुज़ुर्गों को साथ लेकर निकलते हैं — हमें बता दीजिए कि कौन-कौन साथ है, हम दिनों की चाल सबसे तेज़ चलने वाले के नहीं, सबसे धीरे चलने वाले के हिसाब से रखते हैं।

बारीकियाँ भी देख लीजिए

दर्शन के समय, आरतियाँ और सारे पैकेज

मंदिर के खुलने के समय, दिन की पाँचों आरतियाँ, मंदिर ट्रस्ट का बिना-कतार सुगम दर्शन, पर्वों की तिथियाँ, और दिनों के हिसाब से हमारे सारे पैकेज — सब कुछ हमारे मुख्य काशी यात्रा पन्ने पर एक जगह है। पर्व के दिनों में समय बदल जाते हैं, इसलिए जब आप हमारे साथ चलते हैं तो आपके दर्शन से पहले हम हर समय की मंदिर से दोबारा पुष्टि करते हैं — यह हमारे वचन का हिस्सा है।

सतमार्ग ही क्यों

आपकी यात्रा में Satmarg की भूमिका

01

अपनी नगरी की जानकारी

हमारी टीम वाराणसी में ही जन्मी-पली है। हर मंदिर का समय, हर गली, हर शांत घाट — हम इन्हें निजी तौर पर जानते हैं।

02

स्वागत होता है, रास्ता खुद नहीं खोजना पड़ता

एयरपोर्ट या स्टेशन पर स्वागत, घाटों के सबसे पास की अनुमति-प्राप्त जगह तक गाड़ी, और वहाँ से एक व्यक्ति पैदल साथ — मोल-भाव के लिए कभी अकेला नहीं छोड़ा जाता।

03

लिखित में तय दाम

पैसे देने से पहले WhatsApp पर एक तय लिखित हिसाब। टोल, पार्किंग, कर — सब पहले से साफ़-साफ़। कोई कमीशन वाली दुकानों के पड़ाव नहीं।

04

इंसान का जवाब, बॉट का नहीं

जवाब हमारी टीम का एक असली व्यक्ति देता है — कोई ऑटो-रिप्लाई या बना-बनाया संदेश नहीं।

पूछताछ से यात्रा तक

यह सब होता कैसे है

  1. 1

    हमें अपनी बात भेजिए

    हमें अपनी तारीख़ें, लोगों की संख्या, और यह बताइए कि आप फ़्लाइट से आ रहे हैं या ट्रेन से। WhatsApp या नीचे का फ़ॉर्म — दोनों चलते हैं।

  2. 2

    हम लिखित में तय दाम भेजते हैं

    होटल की श्रेणी, जोड़ने लायक़ विकल्प, और कुल दाम — WhatsApp पर लिखित में। छिपा हुआ कोई शुल्क नहीं, कभी नहीं।

  3. 3

    आपकी हाँ, और हम सब पक्का कर देते हैं

    होटल, नाव, आरती की जगहें और गाड़ी — सब आरक्षित। यात्रा से पहले की जानकारी का दस्तावेज़ आपको भेज दिया जाता है।

  4. 4

    आइए, और यात्रा पर चल पड़िए

    हम आपको एयरपोर्ट या स्टेशन पर मिलते हैं। इंतज़ाम की हर बात हमारे ज़िम्मे। आप बस यात्रा में मन लगाइए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई के तीर्थयात्री हमसे जो सवाल पूछते हैं

मुंबई से फ़्लाइट लें या ट्रेन?

अधिकतर परिवारों के लिए फ़्लाइट ही ठीक रहती है। मुंबई से वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक सीधी फ़्लाइटें हैं, जबकि सीधी ट्रेन — महानगरी एक्सप्रेस — एक तरफ़ में ही पूरे दिन से कहीं ज़्यादा समय लेती है। अगर आपके परिवार के लिए रेल-यात्रा भी तीर्थ का हिस्सा है, तो हम ख़ुशी से उसी के हिसाब से योजना बनाते हैं; और अगर छुट्टी कम हो, तो फ़्लाइट से चारों दिन काशी के नाम रह जाते हैं।

मुंबई से कितने दिन की छुट्टी चाहिए?

सीधी फ़्लाइट हो तो पूरा 3 रात / 4 दिन का दर्शन चार दिन की छुट्टी में — या दो कामकाजी दिन और एक सप्ताहांत में — पूरा हो जाता है। पहले दिन शाम की आरती, दूसरे दिन चारों मंदिरों का पूरा काशी यात्रा क्रम, तीसरे दिन सारनाथ और घाट, चौथे दिन घर।

हम ठहरेंगे कहाँ — मंदिर से कितनी दूर?

हमारे पैकेज में जहाँ तक हो सके, होटल घाटों और विश्वनाथ मंदिर की गलियों से पैदल दूरी पर ही लिए जाते हैं। भीतर की गलियों में गाड़ियाँ जा नहीं सकतीं, इसलिए काशी में 'पैदल दूरी' का मतलब किसी और शहर से कहीं ज़्यादा है — यही भोर के दर्शन तक टहलकर पहुँच जाने और दिन में दो बार गाड़ी का मोल-भाव करने का फ़र्क़ है।

हमारे घर में मराठी और हिंदी चलती है। क्या भाषा की दिक़्क़त होगी?

नहीं। वाराणसी में हिंदी हर जगह चलती है, और हमारी टीम की तो यह अपनी ही भाषा है। यात्रा से पहले मिलने वाला जानकारी का दस्तावेज़ हर विधि और अनुष्ठान को सरल भाषा में समझा देता है, ताकि परिवार में किसी को यह अंदाज़ा न लगाना पड़े कि क्या हो रहा है और क्यों।

मुंबई से काशी यात्रा पैकेज का ख़र्च कितना आता है?

दाम मौसम, होटल की श्रेणी और लोगों की संख्या पर निर्भर करता है, इसलिए हम कोई ऐसा आँकड़ा नहीं छापते जो आधे साल ग़लत रहे। WhatsApp पर अपनी तारीख़ें और लोगों की संख्या भेजिए — हम लिखित में तय दाम भेजते हैं, जिसमें सब कुछ शामिल होता है और बाद में कुछ नहीं जुड़ता।

हर हर महादेव

मुंबई से आपकी काशी यात्रा यहीं से शुरू होती है

हमें अपनी तारीख़ें, अपने लोग, और यह बताइए कि आप कैसे आना चाहते हैं। बाक़ी योजना हमारी।

सभी विकल्प

अपना पैकेज चुनें

सभी पैकेज में AC वाहन और होटल शामिल हैं।

बुकिंग और भुगतान

यह कैसे होता है

कोई छिपी बात नहीं। आपके पहले संदेश से यात्रा के दिन तक ठीक-ठीक यही होता है।

  1. 1

    अपनी तारीखें बताएँ

    WhatsApp, फोन या पूछताछ फॉर्म से तारीखें, यात्रियों की संख्या और पसंद बताएँ। अभी कोई बंधन नहीं।

  2. 2

    यात्रा-कार्यक्रम और कोटेशन पाएँ

    हम लिखित यात्रा-कार्यक्रम, समावेश और पक्का कोटेशन भेजते हैं। आप बिना किसी शुल्क के बदलाव या मना कर सकते हैं।

  3. 3

    ऑनलाइन इनवॉइस से भुगतान

    भुगतान मानक इनवॉइस और डिजिटल माध्यमों (UPI, कार्ड, नेट-बैंकिंग) से होता है।

  4. 4

    पुष्टि और सहायता

    पुष्टि ईमेल में आपकी बुकिंग, संपर्क और पिकअप समय होते हैं। रिफंड, यदि लागू हो, हमारी प्रकाशित नीतिके अनुसार होता है।

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